पटना

बिहार में भयमुक्त समाज देने को सरकार कृतसंकल्प : विजेन्द्र


      • अपराध नियंत्रण के लिए सरकार ने बनायी हैं कई योजनाएं
      • सदन में गृह विभाग का बजट प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित
      • पुनर्गठित किये गये पुलिस महानिरीक्षकों के कार्यालय
      • 545 महिला सिपाहियों की होगी बहाली

(आज समाचार सेवा)

पटना। बिहार में कानून का राज स्थापित करने तथा लोगों को भयमुक्त समाज देने को सरकार कृतसंकल्पित हैं। सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए कई नीतियां बनायी है। पदाधिकारी-कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनायी गयी है।

यह दावा विधान सभा में मंगलवार को ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र यादव ने किया। वे गृह विभाग के कटौती प्रस्ताव पर बोल रहे थे। कटौती प्रस्ताव विधान सभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। कटौती प्रस्ताव के दौरान सदन मंगलवार को गरमाया रहा। कटौती प्रस्ताव पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, राम प्रवेश राय, चंद्रशेखर, महबूब आलम, संजय चौधरी, पवन जायसवाल, मुकेश सहनी, अजय कुमार, सूर्यकांत पासवान और राजकुमार सिंह आदि ने पक्ष-विपक्ष में अपने-अपने तर्क दिये।

विजेन्द्र यादव ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था का राज कायम है। उन्होंने स्वीकार किया कि अपराध नियंत्रण की जीरो टॉलरेंस की स्थिति बिहार या देश के किसी राज्य में नहीं है, फिर भी सूबे में अपराध नियंत्रित है। यह बिहार सरकार का दावा नहीं, बल्कि नेशनल क्राइम ब्यूरो का है। उन्होंने कहा कि अपराध की घटनाओं के नियंत्रण के लिए सरकार लगातार काररवाई कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब एनडीए की सरकार बिहार में सरकार बनी थी, तब गृह विभाग में कोई बहाली नहीं हुई थी। गृह विभाग में रिक्तियां भरी गयी हैं, अपराध के मामले दर्ज हो रहे हैं और अपराधी पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था में सुधार लाने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक के कार्यालयों को पुनर्गठित किया गया है। पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर जैसे चार प्रक्षेत्रों को समाप्त कर राज्य को १२ पुलिस क्षेत्रों में पुनर्गठित किया गया है। ४३ अनुमंडलों में अवर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के पद सृजित किये जा रहे हैं।

पुलिस मुख्यालय का पुनर्गठन किया गया है। अब पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय के निदेशक होंगे, वहीं सभी गैर क्षेत्रीय पद पुलिस मुख्यालय के ही अंग होंगे। पुलिस मुख्यालय को १४ प्रभागों में पुनर्गठित किया गया है। पुलिस महानिदेशक, अवर पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक कोटी के पदाधिकारी इसके प्रभारी होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार स्वाभिमान पुलिस बटालियन में अनुसूचित जनजाति की ५४५ महिला सिपाहियों की बहाली की जायेगी, वहीं खेलकूद कोटा से ८५ बहालियां होंगी।

उन्होंने कहा कि सूबे के ५५१ थानों को सीसीटीएनएस से जेाड़ा जा रहा है। जल्द ही ३४३ थानों को इससे जोड़ा जायेगा। पटना, नालंदा, दरभंगा, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, बक्सर, समस्तीपुर, भोजपुर, वैशाली, सारण, गोपालगंज और सीवान के थानों को चेंज मैनेजर सिस्टम से जोड़ा गया है। इन थानों में एफआईआर ऑन लाइन दर्ज होंगे और न्यायालय में भेजे जायेंगे। यही नहीं ५१० पुलिस स्टेशन में सीसीटीएनएस के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहे हैं।