पटना

बेगूसराय: मदरसा विद्यालयों में फर्जी नामांकित छात्रों के नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति पोशाक राशि उठाव का लगा आरोप


बेगूसराय (आससे)। फर्जी नामांकित छात्रों के नाम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति पोशाक राशि एवं मध्यान्ह भोजन योजना उठाव 2010 से लगातार किया जाता रहा है। इसी मामले को लेकर लोकायुक्त में परिवाद पत्र दायर किया गया था जिस पर माननीय सदस्य न्यायिक लोकायुक्त बिहार द्वारा पारित आदेश 11 फरवरी 2021 के आलोक में अपर सचिव लोकायुक्त कार्यालय पटना में 23 फरवरी 2021 को पत्र जारी करते हुए नियमावली के आधार पर प्रशिक्षित मदरसा में जिन्हें सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त होता है भ्रष्टाचार समाप्त किए जाने के लिए एक समेकित नियमावली का बनाया जाना और उसे लागू किए जाने के लिए निर्देश दिया गया था।

बताते चलें कि जिले में 14 मदरसे हैं जिस में कार्य करने वाले कर्मी को सरकारी वेतन मिलते हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिले के सरकारी मदरसों से डीबीटी का लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिला है जबकि डीबीटी के पूर्व छात्र-छात्राओं के नामांकित के आधार पर राशि उठा ली जाती थी लेकिन जब से डीबीटी प्रणाली लागू हुई है तब से एक भी मदरसा विद्यालय में डीबीटी का लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिला है।

सूत्रों की माने तो मदरसा विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं ज्यादातर सरकारी विद्यालयों में पढ़ते हैं जहां वे डीबीटी का लाभ लेते हैं लेकिन मदरसा विद्यालय में सिर्फ छात्र-छात्राएं नामांकित तो है लेकिन उन्हें लाभ नहीं है इसकी मुख्य वजह यह है कि कोई भी छात्र-छात्रा विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही जगह से ले सकते हैं। इसलिए मदरसा विद्यालय के प्रधान ने डीबीटी नहीं करवाई है। मिली जानकारी के अनुसार एक मदरसा विद्यालय है जहां पर कुछ छात्रों का डीबीटी करवाया गया है।

आखिरकार यह कारोबार कब तक फलते-फूलते रहेंगे। इनमें कई ऐसे भी मदरसे विद्यालय हैं जो मोटी कमाई के चक्कर में रहते हैं जहां तक छात्र-छात्राओं के आंकड़ा का सवाल है तो कुल 2343 छात्र-छात्राएं ही पढ़ाई करते हैं जिसमें छात्रों की संख्या 1164 तो वहीं छात्राओं की संख्या 1179 दर्शाई गई है। यही आंकड़ा शिक्षा विभाग के पास है। जबकि लोकायुक्त ने बेगूसराय के जिला शिक्षा पदाधिकारी को भी पत्र प्रेषित किया गया है।

अब सवाल यह उठता है कि क्या मदरसा विद्यालयों में अल्पसंख्यक बच्चे पढ़ना नहीं चाहते हैं या फिर 2010 से सरकार के विभिन्न योजनाओं का लाभ मदरसा विद्यालय फर्जी तरीके से विभिन्न योजनाओं का लाभ लेता रहा है और छात्र-छात्राओं को इससे वंचित रखता रहा है। अगर छात्र-छात्राओं को लाभ मिलता रहता तो उन सभी विद्यालयों के बच्चों की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते पर 2019-20 और 2020-21 की राशि जरूर जाती। आखिरकार कौन कारण है कि इससे बचने की कोशिश की जा रही है।