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Baghpat : कब्रिस्तान में सात मकानों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, मुजफ्फरनगर दंगों के बाद बनाए थे घर


बागपत। जिला प्रशासन ने पुराना कस्बा बागपत में केतीपुरा की नई बस्ती में कब्रिस्तान की जमीन बताते हुए बुलडोजर चलाकर सात मकानों को ध्वस्त करा दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों ने विरोध किया, लेकिन उनकी एक नहीं चली। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद लोगों ने यहां जमीन खरीदकर मकान बनाए थे।

जिला प्रशासन को मिली थी शिकायत

जिला प्रशासन को शिकायत मिली थी कि पुराना कस्बा बागपत में कब्रिस्तान एवं अनुसूचित जाति के लाेगों से बिना प्रशासन की अनुमति लिए 10 एवं 100 रुपये स्टांप पर जमीन खरीद कर मकान बना लिए। जांच के बाद सोमवार शाम चार बजे कब्रिस्तान की बनी जमीन पर बने मकानों को तोड़ने का काम एडीएम प्रतिपाल चौहान के नेतृत्व में शुरू हुआ। तहसीलदार प्रसून कश्यप तथा सीओ डीके शर्मा ने पुलिस बल के साथ मकानों पर जेसीबी मशीन चलवाई तो महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों ने विरोध कर दिया। इसके बावजूद तीन मकान तथा चार प्लाटों की चारदीवारी तोड़ी गई।

महिलाओं ने दिया ठंड का हवाला

जिस समय ध्वस्तीकरण चल रहा था, तभी महिलाओं-बच्चों और लोगों ने ठंड का हवाला देकर कहा कि हमारा क्या दोष है? हमनें तो यह जमीन रहीस नाम के व्यक्ति से खरीदी थी। एक महिला ने बैनामे की कापी दिखाते हुए अधिकारियों से कहा कि जब यह जमीन कब्रिस्तान की है तो फिर उनके नाम बैनामा कैसे हो गया। समीर ने बताया कि रियासत, अनीसा, रफीक के मकान तोड़े गए। समीर, बलकीसा समेत चार लोगों के प्लाटों की चारदीवारी को ध्वस्त किया गया।

दंगा होने के बाद खरीदा था प्लाट

समीर ने बताया कि वह मुजफ्फरनगर के बुढाना थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर रायसिंह गांव के मूल निवासी हैं तथा वर्ष 2013 में दंगा होने के बाद यहां उन्होंने व उनकी बहन बलकीसा ने प्लाट खरीदा था। बाकी लोग भी 2013 में ही बागपत के खेड़ा हटाना गांव से आकर यहां 50 या 60 गज का प्लाट लेकर मकान बनाकर रहने लगे। लोगों ने कहा कि मकान तोड़ने से पहले उन्हें कोई नोटिस तक नहीं दिया गया। न मकान तोड़ने की पहले से सूचना दी गई।

सरकारी कब्रिस्तान पर अवैध रूप से मकान बने होने की शिकायत पर जंचाई कराई। अवैध रूप से बने तीन मकान व चार प्लाटों की बाउंड्री को ध्वस्त कराया। कब्रिस्तान की जमीन पर प्लाट काटकर बेचने वाले व्यक्ति की जांच कर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश तहसीलदार को दिया गया है।-प्रतिपाल चौहान, एडीएम