Post Views: 849 पुष्परंजन डोनाल्ड ट्रम्पपर लगे महाभियोगके पक्षमें २३२ और विरोधमें १९७ के साथ निचले सदनने प्रस्ताव पास कर दिया। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिवके चार सदस्योंने इस प्रक्रियामें भाग नहीं लिया था। इसमें दिलचस्प दस रिपब्लिकन सांसद थे, जिन्होंने ट्रम्पके विरुद्ध वोटिंग की। अपनी ही पार्टीके राष्ट्रपतिके खिलाफ वोट, यही अमेरिकी लोकतंत्रकी खूबसूरती है। जो […]
Post Views: 806 श्यामसुन्दर मिश्र स्वतन्त्रता प्राप्तिके बाद अधिकांश नेता देशसेवा एवं देशभक्तिकी भावनासे लबरेज रहे। किन्तु कुछ चोटीके नेताओंने अपनी धमक एवं धनबलके चलते उन्हें अपने इरादोंमें कामयाब नहीं होने दिया। फलस्वरूप लोकतंत्र एक पार्टी एवं एक परिवारकी विरासत बनकर रह गया। यह भी नहीं कहा जा सकता कि उनके कार्यकालमें विकास कार्य नहीं […]
Post Views: 647 डा. भरत झुनझुनवाला वर्तमानमें अपने देशमें लगभग ४० श्रम कानून लागू हैं। सरकारने इन्हें समेटकर चार लेबर कोडमें संकलित कर दिया है। इन नये कानूनको एक अप्रैलसे लागू होना था जिसे सरकारने चुनावके कारण कुछ समयके लिए स्थगित कर दिया है। चुनावके बाद इन्हें शीघ्र ही लागू किये जानेकी पूरी संभावना है। […]