Post Views: 19 श्रीराम शर्मा दुव्र्यसनोंको ठंडी आग कहा जाता है। गर्म आगमें जलकर भस्म हो जानेमें देर नहीं लगती परन्तु पानीमें डूब मरनेसे भी दुष्परिणाम वैसा ही भयंकर निकलता है। अन्तर इतना ही रहता है कि आत्मदाह भयानक लगता है और आंखोंमें काफी देरतक दिल दहलानेवाला दृश्य खड़ा किये रहता है, जबकि पानीमें किसीके […]
Post Views: 10 बाबा हरदेव शक नहीं कि निरकार प्रभु परमात्माका ज्ञान सदगुरुसे प्राप्त हो जाता है, लेकिन फिर इसको हम आंखोंसे ओझल कर देते हैं। इस ज्ञानकी संभाल तभी है जब हम इस ज्ञानको बीज रूप मानें। धरतीमें हम जब बीज डालते हैं तो बादमें खाद पानी इत्यादि देते हैं। तभी बड़ा वृक्ष बनता […]
Post Views: 23 डा. भरत झुनझुनवाला जीएसटी लागू करते समय सरकार द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि इससे टैक्सकी चोरी कम हो जायगी। इसके बाद ई-वे बिल लागू करते समय पुन: विश्वास दिलाया गया था कि सड़कपर चलनेवाले वाहनोंकी जांच हो सकेगी और नम्बर दो यानी बिना टैक्स चुकाये माल सड़कपर नहीं आ सकेगा। […]